केरल चुनाव में बीजेपी के सीएम पद के कैंडिडेट को लेकर क्यों फंसा पेंच, ये रहा कारण

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केरल में बीजेपी के सीएम पद के कैंडिडेट को लेकर क्यों फंसा पेंच, ये रहा कारण

केरल चुनाव : अलख भारत केरल में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के कैंडिडेट की घोषण के बाद इस निर्णय को लेकर भाजपा खुद के पुराने नेताओं के निशाने पर आ गई। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व दिग्गज नेता यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर सवाल उठाते हुए पूछा है कि 75 साल की उम्र वाले नियम का क्या हुआ? यशवंत सिन्हा ने ट्वीट में लिखा है कि , ”मैं सही था. 88 साल के मेट्रो मैन श्रीधरन (Dr. Elattuvalapil Sreedharan) केरल में बीजेपी के सीएम उम्मीदवार हैं. 75 साल की उम्र वाले नियम का क्या हुआ? सत्ता के लिए कुछ भी करेंगे.”

जब इस तरह के सवाल उठने लगे तो केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन अपने ब्यान से पलटते नजर आये। अपने पहले ब्यान के 3 घंटे बाद एक दूसरा ब्यान देते हुए कहा कि मुझे मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से श्रीधरन को पार्टी का मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाने की जानकारी प्राप्त हुए थी। इसके बाद जब पार्टी के प्रमुख लोगों से चर्चा की तो उन्होंने ऐसे किसी फैसले से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने गुरुवार शाम करीब 4 बजे घोषणा की थी कि उनकी पार्टी की तरफ से सीएम पद के कैंडिडेट के लिए 88 साल के ई श्रीधरन को बनाने का फैसला लिया है।

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याद रहे जून 2013 में चुनाव अभियान समिति का प्रमुख नरेंद्र मोदी बनाये गए थे 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी का चेहरा देश के सामने पेश किया था। साल 2014 में चुनाव जितने के बाद मोदी ने सरकार के गठन से पहले ही संकेत दे दिया था कि 75 सावन देख चुके नेताओं की जगह सरकार में नहीं होगी। जिसके चलते लाल कृष्ण आडवाणी , मुरली मनोहर जोशी , जशवंत सिन्हा जैसे लोगों को खुड्डे लाइन लगा दिया गया था। बावजूद इसके अपवाद के रूप में कर्नाटक में बीएस येद्दियुरप्पा को देखा जा सकता है।

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