सोशल मीडिया के ऐसे विज्ञापनों से हो जाएं सावधान, नहीं तो…

0
This is not a customer care, but a loot hangout Be careful with these social media advertisements, otherwise
This is not a customer care, but a loot hangout Be careful with these social media advertisements, otherwise

अलख भारत। सोशल मीडिया हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा हो चला है। रोजमर्रा के काम भी हम इंटरनेट के माध्यम से निपटाने की कोशिश करते हैं। इस बात का फ़ायदा सोशल मीडिया कंपनियां खूब ले रही हैं। सोशल मीडिया पर दुनिया का सबसे बड़ा बाजार उपलब्ध है। जिसके के इश्तिहार यानी की विज्ञापन हमारे सामने आते रहते हैं। ऐसा नहीं है सभी विज्ञापन वैध हो, एक वर्ग ऐसा भी है जो झूठे विज्ञापन देकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। ये सब इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से करते हैं। फलां विज्ञापन फर्जी है या सही है इस बात का पता लगाना पहली नजर में बड़ा मुश्किल हैं। इस तरह सब्जबाग दिखाए जाते हैं कि इंटरनेट यूजर्स उनके झांसे में आ ही जाते हैं। इसके बाद सारी डिटेल उन अपराधियों के पास चली जाती है और उसका इस्तेमाल कर कस्टमर के खाते से पैसे साफ़ कर जाते हैं।

इनसे कैसे बचे
थोड़ा सा ध्यान करने से भर से बचा जा सकता है। विज्ञापन को क्लिक करने और उस पर मांगी गई जानकारी को देने से पहले पूरी जांच परख कर लें। गूगल पर उस ब्रैंड की जानकारी सर्च करें। हालांकि इनकी एक पहचान ये भी की ये आपको रातों रात आमिर बनाने, पैसे दुगने करने , बड़ी गाड़ी या फ्लैट आदि देने की बात कहते हैं। ऐसा हो तो सावधान ! हो जाइये।
ऐसे मामलों में आई तेजी के चलते भारत सरकार ने इनसे बचने के काफी इंतजाम किये हैं। प्रदेश सरकारों ने साइबर थाने के माध्यम से निगरानी कर रही है। आप भी इन थानों में शिकायत कर सकते हैं। ऑनलाइन https://cybercrime.gov.in/ पर भी इनकी शिकायत की जा सकती हैं। केंद्र सरकार के साइबर दोस्त @Cyberdost नामक एक टि्वटर अकाउंट बनाया है यहाँ भी भी शिकायत की जा सकती हैं। केंद्र सरकार के सबंधित विभाग बार बार आगाह करते रहते हैं कि आप किसी से नेट पट क्रेडिट या डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी, सीवीवी या पासवर्ड शेयर न करें।

ये अंधा कुआं है, बचना जरूरी है
केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, सोशल मीडिया या इंटरनेट पर किसी विज्ञापन को देख कर कोई वित्तीय लेनदेन करने से पहले उसकी प्रामाणिकता को जांच लेना जरूरी है. यह जान लेना जरूरी है कि जिस कस्टमर केयर की बात हो रही है, जिस कॉल सेंटर की बात हो रही है, क्या वह वाकई है या ऐसा अंधा कुआं है जिसमें एक बार धकेले जाने के बाद कोई राह दिखने की संभावना नहीं है. इंटरनेट पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी, सीवीवी या पासवर्ड शेयर करने या सेव करने से हमेशा मना किया जाता है. अगर आप ऐसा करते हैं तो मान कर चलिए कि खतरा हो सकता है और आप कभी भी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here