रोहतक प्रशासन की मीटिंग का फोटो सोशल मीडिया में बना चर्चा का विषय

0

रोहतक प्रशासन द्वारा आज एक मीटिंग की इतनी चर्चा नहीं है जितनी मीटिंग के दौरान खिंची गई एक फोटो की है। यह फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। चर्चा के दौरान कई बाते की जा रही हैं। अकेले इस तस्वीर को देखे तो कई सवाल उठने लाजमी भी हैं। पहला सवाल ये कि जिस काम के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लाॅकडाउन किया था और सोशल डिस्टेंस की अपील की गई थी। फोटों के हिसाब से उसकी अपील का इस मीटिंग में ध्यान नहीं रखा गया। दूसरा सवाल ये है कि रोहतक जिले में 4 विधानसभाओं के प्रतिनीधि यानि की विधायकों को मीटिंग में नही बुलाया गया जबकि रोहतक के पूर्व विधायक को इस मीटिंग में विशेषतौर पर बुलाया गया। अलख हरियाणा ने महम और रोहतक विधायकों से इस बारे में पूछा तो उन्होंने इस बात पर नाराजगी भी जाहिर की है। वहीं शहर के मेयर मनमोहन गोयल को कुर्सी भी प्रोटोकाॅल के हिसाब से नहीं दी गई।

बहुत देर कर दी, हजूर आते आते

अलख हरियाणा ने शनिवार आधी रात को हजारों की तादाद में प्रवासी मजूदरों के पलायन की खबर को प्रमुखता से आप तक पहुंचाया था। ज्यादातर लोगों को महम के विधायक बलराज कुण्डू की मदद से उनके घरों के लिए रात को ही भेज दिया गया था । रोहतक से जब ज्यातर प्रवासी मजदूर जा चुके हैं उसके बाद प्रशासन ने मीटिंग कर बताया कि 14000 लोगों की क्षमता की 34 राहत केन्द्र स्थापित किए गए है। बकौल रोहतक डीसी प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों को शरण देने हेतू 34 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें लगभग 14 हजार व्यक्तियों को ठहराने की क्षमता है।

इन केन्द्रों में राजीव गांधी स्टेेडियम में 500 व्यक्तियों, दयानंद मठ में 200 व्यक्तियों, शिव धर्मशाला में 200 व्यक्तियों, सर छोटूराम स्टेडियम में 600 व्यक्तियों, गौड़ कॉलेज में 500 व्यक्त्तियों, सैक्टर.4 स्थित मॉडल स्कूल में 600 व्यक्तियों, सैक्टर.36 स्थित जेपी इंटरनेशनल स्कूल में 600 व्यक्तियों, मॉडर्न स्कूल में 400 व्यक्तियों, केडीएम स्कूल में 400 व्यक्तियों, सैक्टर.5 स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में 300 व्यक्तियों, सैक्टर.2ए3 व 4 स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में 300 व्यक्तियों, एमडीएन स्कूल में 400 व्यक्तियों, श्रीराम स्कूल में 400 व्यक्तियों, शिक्षा भारती स्कूल में 400 व्यक्तियों, पठानिया स्कूल में 500 व्यक्तियों, स्कॉलर्स रोजरी स्कूल में 600 व्यक्तियों, संस्कृति स्कूल में 400 व्यक्तियों, राजकीय उच्च विद्यालय में 300 व्यक्तियों, करौंथा स्थित आर्यन पब्लिक स्कूल में 600 व्यक्तियों, दूहन स्कूल में 500 व्यक्तियों, स्वामी नितानंद स्कूल मकड़ौली में 800 व्यक्तियों, केडीजी स्कूल में 400 व्यक्तियोंए केवीएम स्कूल में 300 व्यक्तियों, भारद्वाज स्कूल में 300 व्यक्तियों, माउंट लिटरा स्कूल में 400 व्यक्तियों, गढ़ी बोहर स्थित राजकीय उच्च विद्यालय स्कूल में 400 व्यक्तियों, खेड़ी साध स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 400 व्यक्तियों, दिल्ली रोड स्थित डीजीवी पब्लिक स्कूल में 300 व्यक्तियों, विद्या श्री स्कूल में 300 व्यक्तियों, भालौठ स्थित राजकीय वरिष्ठड्, माध्यमिक विद्यालय में 400 व्यक्तियों तथा माउंट लिटरा स्कूल में 300 व्यक्तियों व प्रताप स्कूल में 300 व्यक्तियों, कंसाला स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में 300 व्यक्तियों तथा आसन स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 400 व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन की ओर से मदद पहले मिल जाती तो नहीं होता पलायन

भले ही प्रशासन का दावा है कि पिछले दो दिनों के दौरान प्रवासी मजदूरों व कामगारों का पलायन चिंता का विषय बना है लेकिन प्रशासन ने पूरी सजगता के साथ इस पर कार्य किया है और शहर छोडकर जाने वाले ऐसे लोगों के रहने, खाने- बिजली व अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करवाई गई है। सवाल ये है कि ये वक्त रहते ये सब हो जाता तो मजदूर एक पलायन नहीं करते। अलख हरियाणा को सामाजिक संगठनों से लेकर प्रवासी मजदूरों से प्रशासन का सहयोग नहीं मिला इसीलिए पलायन को मजबूर हुए।

प्रवासी मजदूर जाने से ये आ सकती है दिक्कत

अब तक सब्जियां गलियों में रेहड़ी के माध्यम से घरों तक आ रही थी। इतनी तादाद में प्रवासी मजदूरों का पलायन से ये सिस्टम बुरी तरह फेल हो सकता है। इसको लेकर प्रशासन के पास कोई प्लान है कि नहीं यह जानकारी तो नहीं है अगर विक्लप नहीं मिला तो लोग घरों से मण्डी जाने के लिए मजबूर हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here