अब पुरानी गाड़ी का होगा ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट, फेल हुए तो कबाड़ में जाएगी गाड़ी, जाने व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी से जुड़े नए नियम

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व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी

नई दिल्ली, अलख भारत: मोदी सरकार ने गाड़ियों को लेकर नई नीति बनाई है। इस नई व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी (Scrap policy) में माध्यम से भारत सरकार ने कार बेचने वाली कंपनियों को दिशानिर्देश देते हुए कहा है कि अगर कोई कार उपभोक्ता (Car consumer) स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट (Scraping certificate) दिखाता है और वो नई गाड़ी लेना चाहता है तो स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट देखने के बाद उस उपभोक्ता को गाड़ी पर 5 फीसदी छूट दें दी जाय। जो वाहन (Vehicle) अपने जीवन चक्र Life cycle) के अंत में पहुंच चुके हैं, ऐसे पुराने वाहनों (Old vehicles) पर 10-15 प्रतिशत तक के कुल फायदों का लाभ लिया जा सकता है। इस नीति में गाड़ी स्क्रैप (Cart scrap) करने पर मूल्य का 4-6 प्रतिशत हिस्सा मालिक को दिया जाएगा। इसके अलावा नई गाड़ी के पंजीकरण का शुल्क (New car registration fee) माफ़ कर दिया जायगा।

व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी से रोड टैक्स में क्या होगा फायदा?

नई स्क्रैप पॉलिसी में नई गाड़ी लेने पर कार उपभोक्ता (Car consumer) का फायदा देने का प्रयास किया गया है। इसके तहत रोड टैक्स (road tax) में 3 साल के लिए 25 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है। वहीं राज्य सरकारें प्राइवेट गाड़ियों (Private trains) पर 25 फीसदी और कमर्शल गाड़ियों (Commercial trains) पर 15 फीसदी तक छूट दे सकते हैं।

जाने! नई व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत कितने साल तक गाड़ी चला सकेंगे?

इस नई स्क्रैप पॉलिसी डीजल या पेट्रोल के वाहन जो प्राईवेट होंगे उनके के लिए 20 बरस तक चलाने की अनुमति होगी। इसके बाद उसका एक ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट (Automated fitness test) करवाया जायेगा अगर उसमे फेल हो जाते हैं या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू (Registration Certificate Renew) नहीं कराते हैं तो उस का 1 जून 2024 से खुद से पंजीकरण खत्म माना जायेगा। हालांकि प्राइवेट व्हीकल्स को सुधार का एक मौका दिया जाएगा। अगर फिर भी फिटनेस में फेल होने पर गाड़ी स्क्रैप की जाएगी। इसके अलावा 1 अप्रैल से 2023 से 15 साल पुराने कमर्शल व्हीकल का पंजीकरण (Commercial Vehicle Registration) खत्म हो जायेगा।

Deadlines for scrapping applications and Policy for Vintage vehicles:

ऐसे लगेगा पता कि गाड़ी स्क्रैप हो गई है या नहीं ?

केंद्र सरकार के अनुसार गाड़ी स्क्रेप करने के लिए लिए पीपीपी आधार Public-private partnership (PPP) model पर ऑटोमैटिक टेस्ट सेंटर (Automatic test center) और स्क्रैप सेंटर (Scrap center) खोलने की योजना है। अगर कोई वाहन ऑटोमैटिक टेस्ट पास नहीं कर पायेगा तो उसको या तो सड़क से हटाना होगा या फिर उस पर भारी जुर्माना लगाया जायेगा।

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