जनता कर्फ्यू : COVID-2019 कोरोना वायरस से लड़ने कि ओर एक कदम

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भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने  22 मार्च को सुबह 7 बजें से लेकर रात 9 बजें तक जनता कर्फ्यू की घोषणा की है। जनता कर्फ्यू का मतलब है जनता द्वारा जनता के लिए जनता के उपर लगाया गया कर्फ्यू। जिसमें कोई भी नागरिक घर से बाहर नहीं निकलेगा जब तक कोई जरुरी काम न हो। यह कदम जनता में COVID-19 के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए उठाया गया है।

19 मार्च, 2020 दोपहर तक  विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)  के अनुसार 169 देश नोवल कोरोना वायरस की चपेट में है।
सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में  चीन में (81,174 मामले), इटली में (35,713 मामले), इरान में (17,361 मामले) और स्पेन में (13,716 मामले)। भारत में कुल 171 केस सामने आए है। जिसमें 4 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत का इस सूची में 48 वां स्थान हैं। भारत में अगर हम राज्यों में देखे तो महाराष्ट्र (47, ठीक हुए  0,  मृत्यु 1), केरल ( 28, ठीक हुए 3, मृत्यु 0), दिल्ली ( 17,ठीक हुए 3, मृत्यु 1),  हरियाणा ( कुल केस 17, ठीक हुए 0, मृत्यु 0), कर्नाटक (कुल केस 17,ठीक हुए 0,मृत्यु 1), और उत्तर प्रदेश (कुल केस 19, ठीक हुए 4, मृत्यु 0) दर्ज हुई है। बाकि राज्यों में संख्या 10 से कम है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना की बहुत सारे समूह है। जोकि समान्य जुखाम से  लेकर  खतरनाक बीमारियों जैसे कि मिडिल ईस्ट श्वसन सिंड्रोम (MERS-CoV) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS-CoV)  का कारण है। इस बार नोवल कोरोना वायरस का आनुवंश नया  है।  जोकि पहले  इंसानों में नहीं पाया जाता था।  कोरोना शब्द काराउन शब्द से  आया है। जिसका मतलब होता है मुकुट।  जब इसको इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी  से देखा  गया  तो  इस वायरस के कणों के इर्द-गिर्द  कांटे जैसे  ढांचों का मुकुट जैसा  आकार  दिखता है।

नोवल कोरोना वायरस से पहले SARS-CoV (Severe Acute Respiratory syndrome- CoV)  और मिडिल ईस्ट श्वसन सिंड्रोम (MERS- CoV) पाए गए थे। SERS-COV सबसे पहले 2003 में चीन के ग्वाएंडोंग शहर में पाया  गया था।
SERS-CoV विषाणु  चमगादड़ में पाया गया, जहाँ से यह इंसानों और बाकि जानवरों में  फैला।  2003 में SERS-COV  विषाणु से 8000 लोग प्रभावित हुए जोकि 26 अलग-अलग  देशों से थे।  MERS-CoV  2012 में  साउदी अरब में  पाया  गया। 2012 से  अब तक 27  देशों में MERS-COV  से  प्रभावित केस मिले है।  कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बुखार, सिर दर्द, मांस पेशियों में दर्द जैसे लक्षण पाए जाते है। कोरोना वायरस कई वायरस के प्रकारों का एक समूह है, जो स्तनधारियों और पक्षियों में  रोग के कारण होते है।
यह RNA वायरस  होते  है जिनमें  DNA वायरस  की तुलना में ज्यादा जल्दी-जल्दी  से  परिवर्तन (Mutation) होती है।  यह परिवर्तन प्राकृतिक व मानव  निर्मित कारको की वजह  से  हुआ है।  नोवल कोरोना वायरस SARS-COV  का परिवर्तित रूप ही है।  यह वायरस चमगादड़ो से ही  आया  है।  जो बिमारी जानवरों से  इंसानों में  फैलती है उसे पशुजन्य(zoonosis) रोग कहते है।  स्वाईन फ्लू, रेबीज, इबोला भी  पशुजन्य रोग है।

दिसंबर 2019 में  चीन के वुहान शहर में  निमोनिया के कई केस आए थे।  जिसमें  एक केस ही स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया से  प्रभावित था। बाकि सभी  में SARS-COV
जैसे लक्षण पाए  गए।  यह वायरस वुहान के हुआनान सीफूड बाजार में  बेचे गए  जानवर  से  फैला।  31 दिसंबर, 2019 तक यह वायरस चीन में फैला और इस बीमारी को COVID-2019 का नाम दे दिया गया।

भारत में  कोरोना से प्रभावित पहला केस 30 जनवरी 2020 में  केरल में एक विद्यार्थी में पाया गया। जोकि  वुहान से  भारत  आया था।

वैश्विक स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना वायरस के बारे में समाचारों, वीडियो, चित्रों एवं कार्टूनों की मदद से  जागरूकता फैला  रहा है।  भारत में बाकि देशों के  मुकाबले कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या कम है।  हालांकि भारत इस महामारी से बचने के लिए सभी सुरक्षात्मक  उपायों  का प्रयोग कर रहा है।  भारत सरकार ने जनवरी से ही कोरोना वायरस से लड़ने की जिम्मेदारी लेली थी।  कोरोना वायरस के डर से भारत लौट रहे यात्रियों की विभिन्न हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग मशीन द्वारा मेडिकल जांच हो रही है। भारत में  सरकार  ने  सभी  स्कूलों, कालेजों, विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक बैठकों  को बंद कर दिया है।  कोरोना वायरस से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग, वस्त्र मंत्रालय , उपभोक्ता मामले,  खाद्य और सार्वजनिक  वितरण मंत्रालय  सभी  मिलकर  इस महामारी से  लड़ रहे है। 17 मार्च 2020 को 31 मार्च  तक भारत सरकार  ने  सार्वजनिक दूरी बनाने की अपील की है।  भारत में  कुल  62 वायरल  रिसर्च और डायग्नोस्टिक  लेबोरेटरी है  जो कोरोना वायरस की जांच कर रही है।  भारत से लगने वाली म्यांमार, बांग्लादेश, और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बंद कर दिया है।  भारत के बाहर से आने वाले सभी  लोगों के  स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।  नागरिकों के लिए हैल्पलाइन नंबर  जारी कर दिए गए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  SRCC  देशों को COVID 2019 से  लड़ने का प्रस्ताव दिया है।
COVID 2019  से  निपटने के लिए और वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए मोदी ने  G-20  आभासी सम्मेलन(Virtual Conference) पर भी  चर्चा की।  19 मार्च, 2020  को पीएम मोदी  ने मन की  बात  कार्यक्रम में  कोरोना के बारे में जागरूकता के लिए संबोधन किया। उन्होंने जनता कर्फ्यू के लिए  भारत के नागरिकों से  आग्रह किया और आर्थिक संकटों का मुकाबला करने के लिए COVID 2019  इकोनॉमिक रिस्पांस टास्क फोर्स का गठन किया।  उन्होंने कहा कि अब हर नागरिक का कर्तव्य है कि हर नागरिक को  विकट स्थिति का समझदारी  से सामना  करना  चाहिए बजाए  इसके  कि ” जो होगा देखा  जाएगा ” का रवैया छोड़कर।
अभी तक इस बीमारी के लिए दवा और वैक्सीन नहीं है।  इसलिए लोगों को  ज्यादातर घर पर रहना चाहिए।  और अपने  हाथों को  साबुन या अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर से  नियमित रूप से धोना चाहिए। अपने आँख, नाक और मुह  को बार बार -बार  छुने  से  बचना  चाहिए। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से  परामर्श  लेना  चाहिए।  अन्यथा कोरोना न केवल हमारे लिए बल्कि हमारे परिवार, देश व विश्व के लिए अच्छा नहीं होगा।

Translated by : Sonia  MBBS Students PGIMS, Rohtak, Haryana

Written  in English by:
Rishikesh Krishan Laxmi and Arun Chhokar
Ph.D Scholar,Department of Zoology
University of Delhi, Delhi,India

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