…तो हमारे ज़माने की लड़कियाँ ऐसा ‘राजकुमार’ चाहती हैं

0

हाल ही में व्हाट्सऐप और कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शादी का एक विज्ञापन खूब घूमा. अंग्रेजी का विज्ञापन बेरोज़गार दूल्हे की तरफ से था.

लड़के ने बताया था कि मुझे ऐसी दुल्हन चाहिए-

समान धर्म, जाति की तो हो ही, ‘बेहद गोरी, सुंदर, अत्यंत वफ़ादार, अत्यंत भरोसेमंद, प्यार करने वाली, देखभाल करने वाली, बहादुर, ताकतवर, धनी… भारत के प्रति अत्यंत देशभक्त… भारत की सैन्य और क्रीड़ा क्षमता को बढ़ाने की उत्कृष्ट इच्छा रखने वाली… कट्टर लेकिन सहृदय, बच्चों के लालन-पालन की विशेषज्ञ और बेहतरीन खाना बनाने वाली, नौकरीपेशा लड़की…’ ये सब हो तब भी ‘सम्पूर्ण कुंडली मिलान और 36 गुणों का मेल होना अनिवार्य है.’

इस विज्ञापन की खूब चर्चा हुई. मजाक भी उड़ाया गया. मुमकिन है यह सच हो. यह भी मुमकिन है कि सच न हो. मगर जो बात सच है, वह है दुल्हन के लिए लड़कों का लम्बा-चौड़ा पैमाना. ये पैमाने हर इतवार के अखबारों में आसानी से दिख सकते हैं.

यानी, सुंदर, सुशील, गृहकार्य में दक्ष, संस्कारी, मजहबी, रोज़ा नमाज की पाबंद, स्लिम, पढ़ी-लिखी, अक्षत कौमार्य वाली, अविवाहित, नारीवादी नहीं, लम्बी, पवित्र, शाकाहारी वगैरह… वगैरह.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here