कविता-कोरोना में डटें यौद्धाओं का जन-जन है आभारी

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डॉक्टर प्रतिरुप है भगवान का
सेवा संवेदना और संकल्प का ।
जो अपनी अदम्य कुशलता से
इलाज   कर  रहें  हम  सबका ।।
नर्स , वार्ड बॉय  इनके सहायक
यह भी हैं मानवसेवा के नायक ।
शत्-शत् नमन इनके त्याग को
इनकी मानवसेवा प्रेरणादायक  ।।
देशभक्ति जनसेवा इनका धर्म
पुलिस निभा रही बखूबी फर्ज ।
सुरक्षित रहें हम अपने घरों में
करे रक्षा,कौन पूछें इनका मर्म ।।
इनकी सेवा , जज्बे को सलाम
डटे हुए छोड़  अपने सारे काम ।
जरुरतमंदों की भी सेवा कर रहें
ताकि हो कोरोना का काम तमाम ।।
सोशल   डिस्टेंस  का  मतलब
कोरोना को सिखलाना सबक ।
जब तक नहीं रखेंगे सावधानी
कोरोना नही  हारेगा  तब तक ।।
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ पत्रकार
देश-समाज का बनकर कर्णधार ।
कोरोना महामारी को देने अंजाम
ख़बरदार कर रहें दिनरात पत्रकार ।।
सेनेटाइजर कर पहुंचा रहें अखबार
चैनल द्वारा दिखा रहें ताजा समाचार ।
कोरोना की जंग में सैनिक से ये डटे
करें हम आपका कोटि-कोटि आभार ।।
कहीं भूखा न सो जाएं हर इंसान
अन्न,दूध,सब्जी देने चला किसान ।
किसान के त्याग को कोटि नमन
जिस पर गर्व करें सारा हिंदुस्तान ।।
आई  संक्रमण कोरोना महामारी
तब से जो सुरक्षा कर रहें हमारी ।
उन सभी कर्मवीर योध्दाओं का
जन-जन हैं ऋणी और आभारी ।।
 ✍ गोपाल कौशल, नागदा जिला धार म.प्र.
     

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